दो बैलों की कथा

प्रश्नोत्तर, तार्किक विश्लेषण और कहानी की पड़ताल (मुंशी प्रेमचंद)

cover do bailon ki katha 2


मेरे उत्तर मेरे तर्क

निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ए उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं?

Q.1: कहानी में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है?
(1) प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता (2) एकता और सहयोग (3) गर्व और दंभ (4) विद्रोह और क्रोध
उत्तर: (2) एकता और सहयोग
स्पष्टीकरण: कहानी में हीरा और मोती हर मुश्किल वक्त में एक साथ खड़े रहते हैं।
Q.2: हीरा-मोती ने नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया?
उत्तर: (3) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।
स्पष्टीकरण: झूरी के साले गया के घर जाने पर बैलों को ऐसा महसूस हुआ जैसे उन्हें बेच दिया गया हो।
Q.3: बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर: (4) अपनापन पाने के लिए
स्पष्टीकरण: गया के घर उन्हें वह प्रेम और अपनापन नहीं मिला, जो उन्हें झूरी के घर मिलता था।
Q.4: गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का द्योतक है?
उत्तर: (1) स्वाभिमान
स्पष्टीकरण: जब गया ने अकारण मोती की पिटाई की, तो वह यह अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सका।
Q.5: कहानी में बैलों की 'मूक-भाषा' का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया?
उत्तर: (2) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए
स्पष्टीकरण: मूक-भाषा के जरिए प्रेमचंद ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि जानवरों में भी इंसानों की तरह गहरी भावनाएँ होती हैं।
Q.6: 'दो बैलों की कथा' को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं?
उत्तर: (4) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के
स्पष्टीकरण: दोनों बैलों का अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष को प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।

मेरी समझ मेरे विचार

नीचे दिए गए प्रश्नों पर चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखए -

Q.1: “दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?
उत्तर: जब हीरा और मोती को गया के घर ले जाया गया, तो उन्होंने काम करने से साफ मना कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि उनके मालिक ने उन्हें बेच दिया है। यह उनके आत्मसम्मान के खिलाफ था और वहां उन्हें झूरी जैसा प्रेम भी नहीं मिला।
Q.2: “गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है। कैसे?
उत्तर: बैलों का खुद रस्सियाँ तोड़कर वापस घर आ जाना एक असाधारण घटना थी। यह उनकी सूझबूझ और झूरी के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाता है।
Q.3: कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी?
उत्तर: कांजीहौस एक प्रकार का पशु-बंदीगृह होता था। वहाँ पशुओं की गिनती इसलिए की जाती होगी ताकि यह पता चल सके कि कोई जानवर दीवार फांदकर भाग तो नहीं गया, या कोई जानवर बीमार या मृत तो नहीं है।
Q.4: छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?
उत्तर: छोटी बच्ची की माँ मर चुकी थी और उसकी सौतेली माँ उसे बहुत सताती थी। इसलिए वह बैलों के दुख-दर्द को अपना समझती थी। गया के घर में बैलों पर हो रहे अत्याचार को देखकर उसके मन में उनके प्रति गहरी सहानुभूति और प्रेम जाग गया।
Q.5: “बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” 'अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है'- क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
उत्तर: जी हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि चुपचाप अत्याचार सहना अन्याय को बढ़ावा देने के समान है। यदि हम जुल्म का विरोध नहीं करते, तो अत्याचारी का हौसला बढ़ता है। हीरा और मोती ने भी गया के अत्याचारों को सहने के बजाय उसका विरोध किया।
Q.6: “बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था।” हीरा और मोती अभिन्न मित्र थे। कहानी की किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
उत्तर:
1. वे हल या गाड़ी में एक-दूसरे का बोझ अपने ऊपर लेने की कोशिश करते थे。
2. साँड़ के हमले के समय दोनों ने मिलकर मुकाबला किया。
3. कांजीहौस में दीवार टूटने पर मोती भाग सकता था, पर वह हीरा को छोड़कर नहीं गया।
Q.7: “उसी समय मालकिन ने आकर दोनों के माथे चूम लिए।” “दो बैलों की कथा” कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।
उत्तर: शुरुआत में मालकिन बैलों के प्रति निर्दयी दिखती है, पर अंत में उनकी वफादारी देखकर उसका दिल पसीज जाता है। वहीं छोटी लड़की शुरू से ही बैलों के दुख को समझती है और उन्हें रोटियाँ खिलाकर उनकी मदद करती है।
Q.: किसान जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?
उत्तर: कहानी में प्रेमचंद ने यह दिखाया है कि किसान और उसके पशुओं के बीच केवल काम का रिश्ता नहीं होता, बल्कि एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव होता है। झूरी अपने बैलों को बच्चों की तरह प्यार करता है, और बैल भी अपने मालिक के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं।
Q.: इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे - मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: मोती के इस कथन से पता चलता है कि वह स्वभाव से परोपकारी और दयालु है। भले ही वह खुद संकट में था, लेकिन उसने कांजीहौस की दीवार तोड़कर अन्य कमज़ोर जानवरों की जान बचाई, जो उसकी निस्वार्थ भावना को दर्शाता है।
Q.: आशय स्पष्ट कीजिए- 'अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।'
उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि जानवर भले ही बोल नहीं सकते, लेकिन वे मूक भाषा में एक-दूसरे के विचारों और भावनाओं को अच्छी तरह समझ लेते हैं। मनुष्य जो खुद को सबसे बुद्धिमान मानता है, वह भी इस आंतरिक संवाद की क्षमता से वंचित रह जाता है।
Q.: आशय स्पष्ट कीजिए- 'उस एक रोटी से इनकी भूख तो क्या शांत होती, पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।'
उत्तर: जब छोटी बच्ची हीरा और मोती को एक-एक रोटी खिलाती थी, तो उससे उनका पेट नहीं भरता था। परंतु उस रोटी में छुपा हुआ बच्ची का सच्चा प्रेम और स्नेह उनके मन को पूरी तरह से संतुष्ट कर देता था।
Q.: गया ने हीरा-मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि-
उत्तर: गया ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह हीरा और मोती से बहुत चिढ़ा हुआ था। वे उसके काबू में नहीं आ रहे थे और उसने केवल उनसे बेगार (मुफ्त का काम) लेने के लिए उन्हें सूखा भूसा खिलाया।
Q.: कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं?
उत्तर: कहानी से हमें एकता में बल, सच्ची मित्रता, अन्याय का विरोध करना, स्वतंत्रता का महत्व और परोपकार की भावना जैसे महत्वपूर्ण जीवन-मूल्य सीखने को मिलते हैं।
Q.: 'लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।' - हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इस कथन के जरिए प्रेमचंद समाज में स्त्रियों के सम्मान की वकालत करते हैं। वे यह संदेश देते हैं कि जिस तरह एक पशु भी महिलाओं पर हाथ (या सींग) उठाना गलत मानता है, उसी तरह समाज को भी महिलाओं का आदर करना चाहिए और उन पर किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं करना चाहिए।

विधा से संवाद - कहानी की पड़ताल

एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए-

शीर्षक और लेखक
दो बैलों की कथा - प्रेमचंद
विषय
बैलों की वफादारी, स्वाभिमान, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष
क्रिया/कार्य
हल जोतना, गाड़ी खींचना, विद्रोह
परिवेश/देश-काल और मुख्य विचार
ग्रामीण भारत, अंग्रेजी काल, स्वतंत्रता संघर्ष
चरित्र/पात्र
हीरा, मोती, झूरी, गया, छोटी लड़की, मालकिन
परिणाम
बैल घर लौट आए, झूरी ने अपनाया

विषयों से संवाद - कहानी का समय और समाज

'दो बैलों की कथा' कहानी जिस समय लिखी गई थी, उस समय भारत पर अंग्रेजों का दमनकारी शासन चल रहा था...

कहानी की पंक्ति स्वतंत्रता संग्राम का संदर्भ (सही मिलान)
1. जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ। 6. स्वतंत्रता सेनानी बार-बार जेल गए, फाँसी पर चढ़े, पर संघर्ष छोड़ने को तैयार नहीं हुए।
2. मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा। 5. स्वतंत्रता के लिए प्राण देना स्वीकार्य था, पर अंग्रेजों की सेवा में लगना अस्वीकार्य।
3. हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता। 4. दासता के काल में भारतीयों के प्राण, सम्मान और अधिकारों की कोई महत्ता नहीं थी।
4. दोनों मित्रों की आँखों में, रोम-रोम में विरोध भरा हुआ था। 2. भारतीय जनता के मन में ब्रिटिश शासन के प्रति विरोध धीरे-धीरे गहराता गया।
5. इतना तो हो ही गया कि नो-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे। 1. भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया, जिससे लाखों भारतीयों में आजादी की प्रेरणा जगी।
6. साँड़ पूरा हाथी है… पर दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर टपके। 3. ब्रिटिश साम्राज्य बहुत शक्तिशाली था, फिर भी स्वतंत्रता सेनानियों ने साहसपूर्वक उसका सामना किया।