दो गौरैया पाठ के प्रश्न उत्तर | अभ्यास कार्य, व्याकरण और गतिविधि सहित
यहाँ गौरैया पाठ के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल, क्रमबद्ध और परीक्षा-उपयोगी उत्तर दिए गए हैं। बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही उत्तर के आगे ★ तथा व्यंग्य वाले वाक्यों में ✓ चिह्न लगाया गया है।
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Table of Contents
बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) निम्नलिखित (नीचे लिखे हुए) प्रश्नों के उचित (सही) उत्तर के सामने तारा (★) बनाइए। इनमें कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) पिताजी ने कहा कि घर सराय बना हुआ है क्योंकि — ( प्रश्न में आपको बताना है कि पिताजी ने ऐसा क्यों कहा उसका कारण क्या था ?)
- घर की बनावट सराय जैसी बहुत विशाल है
- घर में विभिन्न पक्षी और जीव-जंतु रहते हैं ★
- पिताजी और माँ घर के मालिक नहीं हैं
- घर में विभिन्न पक्षी और जानवर आते-जाते रहते हैं ★
(2) कहानी में 'घर के असली मालिक' किसे कहा गया है? ( प्रश्न में आपको बताना है कि घर का असली मालिक कौन हैं?)
- माँ और पिताजी को जिनका वह मकान है
- लेखक को जिसने यह कहानी लिखी है
- जीव-जंतुओं को जो उस घर में रहते थे ★
- मेहमानों को जो लेखक से मिलने आते थे
(3) गौरैयों के प्रति माँ और पिताजी की प्रतिक्रियाएँ कैसी थीं? (इस प्रश्न में आपको बताना है कि गौरैया को लेकर माँ और पिताजी की क्या प्रतिक्रियाएँ थी। उनके क्या विचार थे ?)
- दोनों ने खुशी से घर में उनका स्वागत किया
- पिताजी ने उन्हें भगाने की कोशिश की लेकिन माँ ने मना किया ★
- दोनों ने मिलकर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया
- माँ ने उन्हें निकालने के लिए कहा लेकिन पिताजी ने घर में रहने दिया
Imp. माँ ने उनकी मदद नहीं की बल्कि मजाक उड़ाया।
(4) माँ बार-बार पिताजी की बातों पर मुस्कुराती और मजाक करतीं क्यों?
- माँ चाहती थीं कि गौरैयाँ घर से भगाई न जाएँ
- माँ को पिताजी के प्रयत्न व्यर्थ लगते थे ★
- माँ को गौरैयों की गतिविधियों पर हँसी आ जाती थी ★
- माँ को दूसरों पर हँसना और उपहास करना अच्छा लगता था
(5) कहानी में गौरैयों के बार-बार लौटने को जीवन के किस पहलू से जोड़ा जा सकता है?
- दूसरों पर निर्भर रहना
- असफलताओं से हार मान लेना
- अपने प्रयास को निरंतर जारी रखना ★
- संघर्ष को छोड़कर नए रास्ते अपनाना
मिलकर करें — मिलान
(क) पाठ में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। प्रत्येक वाक्य के सामने दो-दो अर्थ दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सबसे उपयुक्त अर्थ से मिलाइए।
| क्रम | वाक्य | सही अर्थ |
|---|---|---|
| 1. | वह शोर मचता है कि कानों के पर्दे फट जाएँ, पर लोग कहते हैं कि पक्षी गा रहे हैं! | पिताजी को पक्षियों का चहकना शोर जैसा लगता था लेकिन लोग उसे संगीत की तरह सराहते थे। |
| 2. | आँगन में आम का पेड़ है। तरह-तरह के पक्षी उस पर डेरा डाले रहते हैं। | आम के पेड़ पर अलग-अलग प्रकार के पक्षी हर समय निवास करते हैं। |
| 3. | वह धमा-चौकड़ी मचती है कि हम लोग ठीक तरह से सो भी नहीं पाते। | चूहों की भागदौड़ और शोर इतना होता है कि घर के लोग चैन से सो नहीं पाते। |
| 4. | वह समझते हैं कि माँ उनका मजाक उड़ा रही हैं। | पिताजी को ऐसा भ्रम होने लगता है कि माँ उनकी चेष्टाओं का उपहास कर रही हैं। |
| 5. | पिताजी ने लाठी दीवार के साथ टिकाकर रख दी और छाती फैलाए कुर्सी पर आ बैठे। | पिताजी ने लाठी एक ओर रख दी और गर्व से, विजयी मुद्रा में बैठ गए। |
| 6. | इतने में रात पड़ गई। | कहानी की घटनाओं के बीच धीरे-धीरे रात हो गई और अँधेरा छा गया। |
| 7. | जब हम लोग नीचे उतरकर आए तो वे फिर से मौजूद थीं और मजे से बैठी मल्हार गा रही थीं। | गौरैयाँ फिर से लौट आई थीं और शांत व प्रसन्न भाव से चहचहा रही थीं जैसे कोई राग गा रही हों। |
विचार और अभिव्यक्ति
(क) "अब तो ये नहीं उड़ेंगी। पहले इन्हें उड़ा देते, तो उड़ जातीं। अब तो इन्होंने यहाँ घोंसला बना लिया है।"
(ख) "एक दिन अंदर नहीं घुस पाएँगी, तो घर छोड़ देंगी।"
(ग) "किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए।"
पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए
(क) आपको कहानी का कौन-सा पात्र सबसे अच्छा लगा — घर पर रहने आई गौरैयाँ, माँ, पिताजी, लेखक या कोई अन्य प्राणी? आपको उसकी कौन-कौन सी बातें अच्छी लगीं और क्यों?
(ख) लेखक के घर में चिड़िया ने अपना घोंसला कहाँ बनाया? उसने घोंसला वहीं क्यों बनाया होगा?
(ग) क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों के समान परिवार और घर का महत्व समझते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कहानी से उदाहरण दीजिए।
(घ) "अब मैं हार मानने वाला आदमी नहीं हूँ।" इस कथन से पिताजी के स्वभाव के कौन-से गुण उभरकर आते हैं?
(ङ) कहानी में गौरैयों के व्यवहार में क्या सा बदलाव आया? यह बदलाव क्यों आया?
(च) कहानी में गौरैयाँ ने किन-किन स्थानों से घर में प्रवेश किया था? सूची बनाइए।
- बंद दरवाजों के नीचे बची हुई खाली जगह से।
- रोशनदान के टूटे हुए शीशे से।
(छ) इस कहानी को कौन सुना रहा है? आपको यह बात कैसे पता चली?
(ज) माँ बार-बार क्यों कह रही होंगी कि गौरैयाँ घर छोड़कर नहीं जाएँगी?
अनुमान और कल्पना से
(क) कल्पना कीजिए कि आप उस घर में रहते हैं जहाँ चिड़ियाँ अपना घर बना रही हैं। अपने घर में उन्हें देखकर आप क्या करते?
(ख) मान लीजिए कि कहानी में चिड़िया नहीं, बल्कि नीचे दिए गए प्राणियों में से कोई एक प्राणी घर में घुस गया है। ऐसे में घर के लोगों का व्यवहार कैसा होगा? क्यों?
(ग) "मैं अवाक उनकी ओर देखता रहा।" लेखक को विस्मय या हैरानी किसे देखकर हुई? उसे विस्मय क्यों हुआ होगा?
(घ) "माँ मदद तो करती नहीं थीं, बैठी हँसे जा रही थीं।" माँ ने गौरैयों को निकालने में पिताजी की सहायता क्यों नहीं की होगी?
(ङ) किसी एक अपरिचित व्यक्ति/प्राणी के व्यवहार को ध्यान से देखकर अनुमान लगाइए।
(च) "पिताजी कहते हैं कि यह घर सराय बना हुआ है।" सराय और घर में कौन-कौन से अंतर होते होंगे?
संवाद और अभिनय
(क) नन्हीं-नन्हीं दो गौरैया क्या-क्या बोल रही होंगी?
(ख) घोंसले से झाँकती गौरैयाँ क्या-क्या बातें कर रही होंगी?
(ग) जब उन्होंने पहली बार घर में प्रवेश किया तो उन्होंने आपस में क्या बातें की होंगी?
(घ) गौरैयों और उनके बच्चों ने क्या-क्या बातें की होंगी?
बच्चे: "माँ, तुम कहाँ चली गई थीं? एक आदमी ने हमारा घर तोड़ दिया, हम बहुत डर गए थे।"
माँ-बाप: "डरो मत बच्चों! हम आ गए हैं। हम तुम्हारे लिए दाना लाए हैं, जल्दी से अपना मुँह खोलो और खा लो।"
बदली कहानी
मान लीजिए कि घोंसले में अंडों से बच्चे न निकले होते। ऐसे में कहानी आगे कैसे बढ़ती? यह बदली हुई कहानी लिखिए।
व्याकरण — क्रिया-विशेषण
इन शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए।
(क) झिड़ककर: गलती करने पर पिताजी ने मुझे झिड़ककर चुप करा दिया।
(ख) गंभीरता से: डॉक्टर ने मेरी बीमारी की रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से देखा।
(ग) गुस्से में: अपना नया फोन टूटा हुआ देखकर राम गुस्से में बड़बड़ाने लगा।
अन्य क्रिया-विशेषण शब्द और वाक्य
- धीरे से: उसने परीक्षा हॉल में धीरे से अपने दोस्त से पेन माँगा।
- चिल्लाकर: सड़क पर खेलते हुए बच्चा चिल्लाकर रोने लगा।
मैंने पढ़ा
कहानी में से चुनकर उन प्राणियों की सूची बनाइए और बताइए कि वे जैसे कौन-कौन से काम करते थे?
(क) बिल्ली — 'फिर आऊँगी' कहकर चली जाती है।
(ख) चमगादड़ — शाम होते ही कमरों के आर-पार कसरत करने लगते हैं।
(ग) बूढ़ा चूहा — उसे सर्दी बहुत लगती है, इसलिए वह अँगीठी के पीछे बैठना पसंद करता है।
(घ) दूसरा चूहा — उसे गर्मी लगती है, इसलिए वह बाथरूम की टंकी पर चढ़कर बैठ जाता है।
(ङ) दो गौरैयाँ — अंदर घुसकर मकान का ऐसे निरीक्षण करती हैं मानो घर किराए पर लेना हो और मजे से बैठी 'मल्हार' गाती हैं।
मात्रा बदलने से अर्थ परिवर्तन
इन शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए।
नाच — मुझे शादी में उसका नाच यानी नृत्य बहुत पसंद आया।
नाचा — बारिश देखकर मोर जंगल में नाचा।
नचा — मदारी ने डुगडुगी बजाकर बंदर को नचा दिया।
हार — मैंने अपनी बहन को जन्मदिन पर मोतियों का हार दिया।
हरा — पेड़ों की पत्तियों का रंग हरा होता है।
हारा — वह लड़का दौड़ प्रतियोगिता में हारा नहीं, बल्कि जीता है।
पिता — मेरे पिता जी बहुत ही दयालु स्वभाव के हैं।
पीता — मेरा छोटा भाई रोज़ सुबह एक गिलास दूध पीता है।
चूक — परीक्षा में जल्दीबाज़ी के कारण मुझसे एक बड़ी चूक यानी गलती हो गई।
चुक — महीने के अंत तक मेरे सारे पैसे चुक गए।
नीचा — हमें कभी किसी गरीब को नीचा नहीं दिखाना चाहिए।
नीचे — मेरी किताब मेज़ के नीचे गिर गई है।
सहसा — हम खेल रहे थे कि सहसा यानी अचानक तेज़ बारिश होने लगी।
साहस — उस छोटे बच्चे ने डूबते हुए कुत्ते को बचाकर बहुत साहस का काम किया।
कहानी की विशेषताएँ
(ख) इस कहानी की कुछ विशेषताओं को नीचे दिया गया है। इनके उदाहरण कहानी में से चुनकर लिखिए।
| क्रम | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. | हास्य-व्यंग्य | माँ का ताना मारना - "छोड़ो जी, चूहों को तो निकाल नहीं पाए, अब चिड़ियों को निकालेंगे!" |
| 2. | मानवीकरण | चमगादड़ों का कमरों में कसरत करना और चिड़ियों का मकान का निरीक्षण करना। |
| 3. | बाल-मनोविज्ञान | लेखक का दरवाज़े बंद करना और अवाक् होकर चुपचाप घटनाओं को देखना। |
| 4. | हृदय परिवर्तन | पिताजी का लाठी रख देना और चिड़ियों के बच्चों को देखकर मुस्कुराना। |
| 5. | जीव-प्रेम / करुणा | घोंसला उजड़ने से बचने के बाद माँ का दया दिखाते हुए तुरंत सारे दरवाज़े खोल देना। |
| 6. | दृढ़ निश्चय | पिताजी का हार न मानना और बार-बार लाठी लेकर गौरैयों पर हमला करना। |
| 7. | परिवार का महत्व | माता-पिता गौरैया का जान जोखिम में डालकर भी बच्चों के पास आना। |
आपकी बात
(क) आपने अपने घर के आस-पास पक्षियों को क्या-क्या करते देखा है? उनके व्यवहार में आपको कौन-कौन से भाव दिखाई देते हैं?
(ख) क्या आप भी कोई स्थान या वस्तु किसी अन्य के साथ साझा करते हैं? उनके बारे में बताइए। साझेदारी में यदि कोई समस्या आती है तो उसे कैसे हल करते हैं?
(ग) क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि किसी को देखकर या किसी से मिलकर आपका दृष्टिकोण बदल गया हो?
चिड़ियों का घोंसला
(क) अपने आस-पास विभिन्न प्रकार के घोंसले ढूँढ़िए और उन्हें ध्यान से देखिए और नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए।
| क्रम संख्या | घोंसले को कहाँ देखा | घोंसला किन चीजों से बनाया गया था | घोंसला खाली था या नहीं | घोंसला किस पक्षी का था |
|---|---|---|---|---|
| 1. | घर के छज्जे यानी बालकनी पर | सूखी घास, तिनके और रुई से | खाली नहीं था | कबूतर |
| 2. | पेड़ की ऊँची डाल पर लटकता हुआ | पतले तार, लंबी घास और धागों से | खाली नहीं था | बया |
| 3. | बिजली के मीटर के पास खाली जगह में | छोटे तिनके, पंख और ऊन के टुकड़ों से | खाली था | गौरैया |
| 4. | पुराने खंडहर की दीवार में | मिट्टी, कीचड़ और सूखे पत्तों से | खाली था | अबाबील |
| 5. | नीम के पेड़ की टहनी पर | टहनियों और मोटे तिनकों से, प्याले के आकार का | खाली नहीं था | कौवा |
हास्य-व्यंग्य
(क) आपको इस कहानी में कौन-कौन से वाक्य पढ़कर हँसी आई? उन वाक्यों को चुनकर लिखिए।
- "इतनी तकलीफ करने की क्या जरूरत थी। पंखा चला देते, तो ये उड़ जातीं।"
- "तुम तो बड़े समझदार हो जी, सभी दरवाजे खुले हैं और तुम गौरैयों को बाहर निकाल रहे हो।"
- "चिड़ियाँ एक-दूसरे से पूछ रही हैं कि यह आदमी कौन है और नाच क्यों रहा है?"
(ख) अब चुने हुए वाक्यों में से कौन-कौन से वाक्य 'व्यंग्य' कहे जा सकते हैं? उन पर सही का चिह्न लगाइए।
इन वाक्यों में माँ सीधे तौर पर कुछ न कहकर, मज़ाक के रूप में पिताजी के असफल प्रयासों पर तंज कस रही हैं।
झरोखे से — विश्व गौरैया दिवस
जानकारी: इस अंतिम भाग में बताया गया है कि आधुनिक इमारतों, शहरीकरण और जहरीले पेट्रोल आदि के कारण गौरैयों को अपना घर बनाने की जगह नहीं मिल रही है। उनकी संख्या तेज़ी से घट रही है। इसीलिए भारत सरकार यानी पर्यावरण मंत्रालय ने लोगों में जागरूकता फैलाने और इन नन्हीं चिड़ियों को बचाने के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाने की घोषणा की है।
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