• ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता में सैनिक देश के प्रति अपनी भावनाएँ प्रकट करता है। आप अपने कौन-से कार्यों द्वारा देश-प्रेम प्रकट करेंगे?
  • ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता के आधार पर सैनिकों के बलिदान और देश-प्रेम की भावना को स्पष्ट कीजिए।
  • “सर हिमालय का हमने न झुकने दिया” — इस पंक्ति में हिमालय किसका प्रतीक है? पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
  • “साँस थमती गई, नब्ज जमती गई” — इन पंक्तियों के संदर्भ में सैनिकों की स्थिति स्पष्ट कीजिए।
  • सामने मृत्यु निश्चित होते हुए भी सैनिक दुश्मन से मुकाबला करने के लिए कदम बढ़ाते रहे। इससे सैनिकों की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
  • शहीद होने वाले सैनिक को किस बात का गर्व है? कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
  • “कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों” में ‘फ़िदा’ शब्द का क्या अर्थ है? पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
  • “जान देने की रुत रोज आती नहीं” — ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता के आधार पर पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।





  • कर चले हम फ़िदा — PYQ प्रश्नोत्तर

    1. प्रश्न: ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता में सैनिक देश के प्रति अपनी भावनाएँ प्रकट करता है। आप अपने कौन-से कार्यों द्वारा देश-प्रेम प्रकट करेंगे?

    उत्तर: हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करके, देश के नियमों का सम्मान करके, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करके तथा समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में सहयोग देकर देश-प्रेम प्रकट कर सकते हैं।


    2. प्रश्न: ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता के आधार पर सैनिकों के बलिदान और देश-प्रेम की भावना को स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: कविता में सैनिक मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देते हैं। वे देश की स्वतंत्रता और सम्मान को अपने जीवन से अधिक महत्त्व देते हैं तथा देशवासियों को उसकी रक्षा का दायित्व सौंपते हैं।


    3. प्रश्न: “सर हिमालय का हमने न झुकने दिया” — इस पंक्ति में हिमालय किसका प्रतीक है? पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: यहाँ ‘हिमालय’ भारत के सम्मान, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। सैनिक गर्व से कहते हैं कि उन्होंने अपने प्राण देकर भी देश की प्रतिष्ठा को शत्रु के सामने झुकने नहीं दिया।


    4. प्रश्न: “साँस थमती गई, नब्ज जमती गई” — इन पंक्तियों के संदर्भ में सैनिकों की स्थिति स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: इन पंक्तियों में युद्धरत सैनिकों की अत्यंत गंभीर शारीरिक स्थिति का वर्णन है। घायल होने के कारण उनकी साँसें रुक रही थीं और नब्ज धीमी पड़ रही थी, फिर भी वे साहसपूर्वक लड़ते रहे।


    5. प्रश्न: सामने मृत्यु निश्चित होते हुए भी सैनिक दुश्मन से मुकाबला करने के लिए कदम बढ़ाते रहे। इससे सैनिकों की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?

    उत्तर: इससे सैनिकों की वीरता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति प्रकट होती है। वे मृत्यु से भयभीत नहीं होते, बल्कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान करने को तत्पर रहते हैं।


    6. प्रश्न: शहीद होने वाले सैनिक को किस बात का गर्व है? कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।

    उत्तर: शहीद होने वाले सैनिक को इस बात का गर्व है कि उसने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना जीवन अर्पित किया और देश के सम्मान तथा स्वाभिमान को शत्रु के सामने झुकने नहीं दिया।


    7. प्रश्न: “कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों” में ‘फ़िदा’ शब्द का क्या अर्थ है? पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: ‘फ़िदा’ का अर्थ है—न्योछावर या बलिदान करना। पंक्ति का आशय है कि सैनिक देश की रक्षा के लिए अपना तन और जीवन समर्पित कर चुके हैं तथा अब यह जिम्मेदारी अपने साथियों को सौंप रहे हैं।


    8. प्रश्न: “जान देने की रुत रोज आती नहीं” — ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता के आधार पर पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: कवि का भाव है कि मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने का गौरवपूर्ण अवसर बार-बार नहीं मिलता। इसलिए ऐसा अवसर आने पर सैनिक साहसपूर्वक देश की रक्षा के लिए अपना जीवन अर्पित कर देते हैं।