तताँरा-वामीरो कथा Question Answer | Class 10 Hindi Chapter Solution
कक्षा 10 हिंदी स्पर्श के अध्याय “तताँरा-वामीरो कथा” के सभी प्रश्न-उत्तर, भाषा अध्ययन, FAQ और SEO Keywords एक ही जगह।
Short Description: इस पेज पर Class 10 Hindi Sparsh Chapter “तताँरा-वामीरो कथा” के plagiarism-free question answer दिए गए हैं। इसमें 25-30 शब्दों के उत्तर, 50-60 शब्दों के long answer, आशय स्पष्ट कीजिए और भाषा अध्ययन के सभी प्रश्न शामिल हैं।
Table of Contents
प्रश्न-अभ्यास लिखित (25-30 शब्दों में)
1. तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
उत्तर:- तताँरा अपने साथ हमेशा जो तलवार रखता था, उसके बारे में स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की धारणाएँ प्रचलित थीं। वैसे तो देखने में उसकी वह तलवार किसी साधारण सी लकड़ी की बनी हुई प्रतीत होती थी, लेकिन लोगों का यह पक्का विश्वास था कि उसमें कोई अद्भुत, विलक्षण और दैवीय शक्ति समाहित है। इसी कारण तताँरा की वह रहस्यमयी तलवार हमेशा लोगों के बीच चर्चा और कौतूहल का विषय बनी रहती थी।
2. वामीरो ने तताँरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया।
उत्तर:- वामीरो ने तताँरा के व्यवहार से नाराज़ होकर अत्यंत रूखेपन के साथ उससे पूछा कि वह आखिर है कौन और उसे इस तरह लगातार क्यों घूर रहा है। वामीरो ने स्पष्ट किया कि वह उसके द्वारा पूछे गए असंगत और बेतुके सवालों का जवाब देने के लिए बिल्कुल भी बाध्य नहीं है। उसने यह भी याद दिलाया कि गाँव की रीति के अनुसार वह अपने गाँव के बाहर के किसी भी युवक से बात नहीं कर सकती, और यह बात तताँरा को भी भली-भाँति पता होनी चाहिए।
3. तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:- तताँरा और वामीरो के प्रेम की असफल त्रासदी और उनके बलिदान ने निकोबार के समाज में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला दिया। उन दोनों की त्यागमयी मृत्यु के कारण सदियों से चली आ रही वह रूढ़िवादी और कठोर परंपरा हमेशा के लिए टूट गई जो दो गाँवों के लोगों को मिलने से रोकती थी। इसके बाद से निकोबार के गाँव वालों ने अपने गाँव के बाहर, दूसरे गाँव के लोगों के साथ भी आज़ादी से वैवाहिक संबंध जोड़ने शुरू कर दिए।
4. निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?
उत्तर:- निकोबार के सभी निवासी तताँरा को बहुत अधिक प्रेम और सम्मान देते थे क्योंकि वह स्वभाव से बेहद नेक और हमेशा दूसरों की मदद करने वाला युवक था। वह केवल अपने स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि पूरे द्वीप के लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा करने के लिए हर समय तत्पर रहता था। द्वीप पर जब भी किसी पर कोई मुसीबत आती, तताँरा तुरंत उनकी सहायता के लिए दौड़ पड़ता था, और उसके इन्हीं मानवीय गुणों के कारण वह सबका चहेता बन गया था।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए
1. निकोबार द्वीपसमूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?
उत्तर:- निकोबार के निवासियों के मन में अपने द्वीपसमूह के दो हिस्सों में बँटने को लेकर एक गहरी लोक कथा रची-बसी है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि प्राचीन समय में लिटिल अंदमान और कार-निकोबार एक ही बड़ा द्वीप हुआ करते थे। तताँरा और वामीरो के पवित्र प्रेम की असफलता और उस भयंकर त्रासदी के कारण ही धरती फटी और यह एक बड़ा भूभाग हमेशा के लिए दो अलग-अलग द्वीपों में विभक्त हो गया।
2. तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:- तताँरा जब दिनभर की कड़ी मेहनत और अथक परिश्रम करके थक गया, तो वह सुकून पाने के लिए शाम के समय समुद्र के किनारे टहलने के लिए निकल पड़ा। उस वक़्त सूर्यास्त का समय हो रहा था और सूरज की अंतिम रंग-बिरंगी किरणें समुद्र की लहरों पर अपना सुंदर प्रतिबिंब बना रही थीं। समुद्र की तरफ से बहुत ही ठंडी और शांति देने वाली हवाएँ चल रही थीं, और पक्षियों के अपने घोंसलों में लौटने के कारण वातावरण में एक खामोशी छाने लगी थी।
3. वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:- वामीरो से पहली मुलाकात के बाद तताँरा की पूरी ज़िंदगी ही जैसे बदल गई और वह अपनी सुध-बुध पूरी तरह खो बैठा। वह दिन-रात हर समय केवल वामीरो के ही ख्यालों में डूबा रहता था और उसके लिए एक पल भी उसके बिना बिताना बहुत कठिन हो गया था। वह बेचैनी से शाम होने का इंतज़ार करता और समय से बहुत पहले ही लपाती गाँव की उसी समुद्री चट्टान पर जाकर बैठ जाता था, ताकि वह वामीरो के आने की राह देख सके।
4. प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति-प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?
उत्तर:- पुराने समय में लोगों के मनोरंजन और शारीरिक बल के प्रदर्शन के लिए कई तरह के सामूहिक कार्यक्रमों जैसे मेले, पशु-पर्व, कुश्ती और गीत-संगीत का आयोजन किया जाता था। पशु-पर्व में विशेष रूप से ताकतवर और हृष्ट-पुष्ट जानवरों का प्रदर्शन होता था, और पुरुषों की बहादुरी जाँचने के लिए उन्हें इन जानवरों से भिड़ाया भी जाता था। इन आयोजनों में सभी गाँव के लोग भारी उत्साह से हिस्सा लेते थे और साथ मिलकर गीत-संगीत एवं स्वादिष्ट भोजन का भी आनंद उठाते थे।
5. रूढियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:- जब समाज की पुरानी मान्यताएँ और रूढ़ियाँ इंसान की आज़ादी को छीनकर एक भारी बोझ बन जाएँ, तो उन्हें समाप्त कर देना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन जकड़नों के कारण समाज और व्यक्ति का स्वाभाविक विकास, उनकी खुशी और आज़ाद सोच पूरी तरह से रुक जाती है। समय के साथ आगे बढ़ने और एक स्वस्थ तथा प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि इन पुरानी और दमघोंटू रूढ़िवादी विचारधाराओं को तोड़कर नई सोच को अपनाया जाए।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए
1. जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।
उत्तर:- इन पंक्तियों का मुख्य आशय तताँरा की उस गहरी पीड़ा और भयंकर गुस्से को दर्शाना है जिसे वह उस समय गहराई से महसूस कर रहा था। जब उसे अपने अपमान का सामना करने और परिस्थिति को सुधारने का कोई भी अन्य रास्ता दिखाई नहीं दिया, तो उसने अपने उबलते हुए क्रोध को शांत करने का यह विनाशकारी तरीका निकाला। उसने अपनी पूरी शारीरिक ताकत लगाकर अपनी तलवार को धरती में गाड़ दिया, जिसके भयंकर परिणामस्वरूप धरती फटकर दो टुकड़ों में विभाजित हो गई।
2. बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।
उत्तर:- इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक ने तताँरा के मन में चल रहे उस संघर्ष, बेचैनी और उधेड़बुन का बहुत ही सजीव एवं मार्मिक चित्रण किया है। जब तताँरा समुद्री चट्टान पर वामीरो का इंतज़ार कर रहा था, तो उसके मन में एक तरफ वामीरो के आने की उम्मीद थी, और दूसरी तरफ यह डर भी था कि वह शायद न आए। उसकी यह उम्मीद बिल्कुल सूर्यास्त की उन डूबती किरणों के समान कमज़ोर और धुंधली थी, जो किसी भी क्षण अँधेरे में बदल सकती थी और उसे गहरी निराशा में धकेल सकती थी।
भाषा अध्ययन
1. निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में ( √ ) का चिन्ह लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है –
(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे।
(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया?
(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी।
(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?
(ङ) वाह! कितना सुंदर नाम है।
(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा।
उत्तर:- पाठ में दिए गए वाक्यों के प्रकारों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है। वाक्य (क) 'निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे' एक विधानवाचक वाक्य है क्योंकि इसमें एक सामान्य जानकारी दी गई है। (ख) 'तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया?' एक प्रश्नवाचक वाक्य है क्योंकि इसमें सवाल पूछा गया है। (ग) 'वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी' भी विधानवाचक वाक्य की श्रेणी में आता है। (घ) 'क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?' एक प्रश्नवाचक वाक्य है। (ङ) 'वाह! कितना सुंदर नाम है' गहरी भावना जताने वाला विस्मयादिबोधक वाक्य है तथा (च) 'मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा' एक साधारण विधानवाचक वाक्य है।
2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए –
(क) सुध-बुध खोना
(ख) बाट जोहना
(ग) खुशी का ठिकाना न रहना
(घ) आग बबूला होना
(ङ) आवाज उठाना
उत्तर:- यहाँ दिए गए सभी मुहावरों का वाक्यों में उचित प्रयोग प्रस्तुत किया जा रहा है। 'सुध-बुध खोना' का अर्थ है अपने होश में न रहना, जैसे: "लता दीदी के गानों ने तो मेरी सुध-बुध ही भुला दी"। 'बाट जोहना' का अर्थ है किसी का इंतज़ार करना, जैसे: "विदेश में गए अपने बेटे की माता-पिता बड़ी ही बेसब्री से बाट जोह रहे थे"। 'खुशी का ठिकाना न रहना' अर्थात बहुत अधिक प्रसन्न होना: "कई सालों बाद अपने बचपन के मित्र से मिलकर मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा"। 'आग बबूला होना' अर्थात बहुत क्रोधित होना: "बेटे की शरारत पर पिता आग बबूला हो उठे", तथा 'आवाज़ उठाना' अर्थात विरोध जताना: "अन्याय के खिलाफ़ आवाज उठानी चाहिए"।
3. नीचे दिए गए शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए – चर्चित, साहसिक, छटपटाहट, शब्दहीन
उत्तर:- दिए गए शब्दों में से मूल शब्द और उनमें लगे प्रत्यय को बहुत ही आसानी से इस प्रकार अलग-अलग किया जा सकता है। 'चर्चित' शब्द में मुख्य या मूल शब्द 'चर्चा' है और इसमें 'इत' प्रत्यय का प्रयोग किया गया है। 'साहसिक' शब्द 'साहस' मूल शब्द और 'इक' प्रत्यय के मेल से बनाया गया है। इसी तरह, 'छटपटाहट' शब्द के निर्माण में 'छटपट' मूल शब्द है और 'आहट' प्रत्यय लगा है, जबकि 'शब्दहीन' में 'शब्द' मूल शब्द और 'हीन' प्रत्यय का इस्तेमाल किया गया है।
4. नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए- आकर्षक, ज्ञात, कोमल, होश, घटना
उत्तर:- दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग जोड़कर नए शब्दों का निर्माण इस प्रकार किया गया है ताकि उनके अर्थ स्पष्ट हो सकें। 'आकर्षक' शब्द में 'अन' उपसर्ग जोड़ने पर नया शब्द 'अनाकर्षक' बनता है। 'ज्ञात' शब्द में 'अ' उपसर्ग लगाकर 'अज्ञात' शब्द बनाया जाता है। इसी प्रकार 'कोमल' में 'सु' उपसर्ग से 'सुकोमल', 'होश' में 'बे' उपसर्ग से 'बेहोश' और 'घटना' में 'दुर्' उपसर्ग लगाने से 'दुर्घटना' शब्द का निर्माण होता है।
5. वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए –
(क) जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ। (मिश्र वाक्य)
(ख) फिर तेज कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। (संयुक्त वाक्य)
(ग) वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ दौड़ी। (सरल वाक्य)
(घ) तताँरा को देखकर वह फूटकर रोने लगी। (संयुक्त वाक्य)
(ङ) रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था। (मिश्र वाक्य)
उत्तर:- वाक्यों को उनके निर्देशानुसार परिवर्तित करके नए रूप में इस प्रकार लिखा जा सकता है। (क) मिश्र वाक्य: जीवन में पहली बार ऐसा हुआ कि मैं विचलित हुआ हूँ। (ख) संयुक्त वाक्य: फ़िर तेज कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आई और ठिठक गई। (ग) सरल वाक्य: वामीरो कुछ सचेत होने पर घर की तरफ़ दौड़ी। (घ) संयुक्त वाक्य: उसने तताँरा को देखा और फूटकर रोने लगी। (ङ) मिश्र वाक्य: रीति के अनुसार यह आवश्यक था कि दोनों एक ही गाँव के हो।
6. नीचे दिए गए वाक्य पढ़िए तथा ‘और’ शब्द के विभिन्न प्रयोगों पर ध्यान दीजिए – (क) से (च) तक
उत्तर:- हिंदी भाषा के वाक्यों में 'और' शब्द का प्रयोग कई अलग-अलग अर्थों को दर्शाने के लिए किया जाता है। जैसे वाक्य (क) में यह दो पदों को आपस में जोड़ने का काम कर रहा है, जबकि (ख) में यह 'अन्य' के अर्थ को स्पष्ट करता है। वाक्य (ग) में यह क्रमश: या धीरे-धीरे के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, और (घ) में यह दो उपवाक्यों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। वाक्य (ङ) में 'और' शब्द अधिकता बताने के लिए आया है, तथा (च) में यह शब्द निकटता के अर्थ को भली-भाँति स्पष्ट करता है।
7. नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखिए – भय, मधुर, सभ्य, मूक, तरल, उपस्थिति, सुखद।
उत्तर:- दिए गए सभी शब्दों के सटीक विलोम (विपरीतार्थक) शब्द इस प्रकार हैं, जिन्हें भाषा में अक्सर प्रयोग किया जाता है। भय शब्द का विलोम निर्भय होता है, मधुर का कटु होता है, और सभ्य का असभ्य होता है। इसी प्रकार मूक का विलोम वाचाल, तरल का विलोम ठोस, उपस्थिति का विलोम अनुपस्थिति और सुखद का विलोम दुखद होता है।
8. नीचे दिए गए शब्दों के दो – दो पर्यायवाची शब्द लिखिए – समुद्र, आँख, दिन, अँधेरा, मुक्त।
उत्तर:- पूछे गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द इस प्रकार हैं, जो भाषा को और अधिक समृद्ध बनाते हैं। समुद्र के दो पर्यायवाची शब्द सागर और सिंधु हैं; तथा आँख के पर्यायवाची नेत्र और लोचन हैं। दिन को हम वासर या वार भी कहते हैं, अँधेरा को अंधकार या तम कहा जाता है, और मुक्त के दो प्रमुख पर्यायवाची शब्द आज़ाद तथा स्वतंत्र होते हैं।
9. नीचे दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए – किंकर्तव्यविमूढ, विहल, भयाकुल, याचक, आकंठ।
उत्तर:- दिए गए सभी कठिन शब्दों का वाक्यों में उचित प्रयोग नीचे प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि उनका अर्थ स्पष्ट हो सके। 'किंकर्तव्यविमूढ' का प्रयोग: "अब ऐसे किंकर्तव्यविमूढ न खड़े रहो, जाओ जाकर काम करो"। 'विह्वल' का वाक्य प्रयोग: "उन अनाथ बच्चों की दशा देखकर मैं भाव विह्वल हो उठी"। 'भयाकुल' का प्रयोग: "उस बालक ने भयाकुल नज़रों से मेरी ओर देखा"। 'याचक' का वाक्य प्रयोग: "दरवाजे पर कोई याचक खड़ा है" और 'आकंठ' का प्रयोग: "भक्त अपने गुरु के सत्संग में आकंठ डूब चूके थे"।
10. किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुजरने लगा ‘ वाक्य में दिन के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है? आप दिन के लिए कोई तीन विशेषण और सुझाइए।
उत्तर:- प्रस्तुत वाक्य "किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुजरने लगा" में दिन की विशेषता बताने के लिए 'आँचरहित', 'एक', 'ठंडा' और 'ऊबाऊ' जैसे विशेषण शब्दों का बहुत ही सटीक प्रयोग किया गया है। 'दिन' शब्द को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कुछ अन्य विशेषण शब्द भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये अतिरिक्त विशेषण शब्द हैं— बर्फीला दिन, उष्णता रहित दिन, बड़ा दिन, लंबा दिन, नीरस दिन या उमस भरा दिन।
11. नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए – (क) से (ङ) तक, वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए।
उत्तर:- पाठ में दिए गए विभिन्न वाक्यों के पदबंधों के प्रकार इस प्रकार पहचाने गए हैं जो व्याकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। (क) वाक्य में रेखांकित हिस्सा 'विशेषण पदबंध' का उदाहरण है क्योंकि यह संज्ञा की विशेषता बता रहा है। (ख) वाक्य में प्रयुक्त पदबंध 'क्रिया पदबंध' का सटीक उदाहरण है। (ग) वाक्य में क्रिया के होने का तरीका बताया गया है इसलिए यह 'क्रियाविशेषण पदबंध' है। (घ) और (ङ) दोनों वाक्यों में रेखांकित हिस्से मुख्य रूप से संज्ञा का काम कर रहे हैं, अतः ये दोनों 'संज्ञा पदबंध' के अंतर्गत आते हैं।
FAQs – तताँरा-वामीरो कथा
तताँरा-वामीरो कथा किस पाठ्यपुस्तक का अध्याय है?
यह कक्षा 10 हिंदी स्पर्श पाठ्यपुस्तक का महत्वपूर्ण अध्याय है।
तताँरा-वामीरो कथा का मुख्य भाव क्या है?
इस कथा का मुख्य भाव प्रेम, त्याग, सामाजिक रूढ़ियों का विरोध और मानवीय संवेदनाओं का सम्मान है।
तताँरा को लोग क्यों पसंद करते थे?
तताँरा नेक, सहायक और निस्वार्थ युवक था। वह हमेशा द्वीपवासियों की सहायता के लिए तत्पर रहता था।
वामीरो ने तताँरा से बेरुखी से बात क्यों की?
वामीरो गाँव की रीति और सामाजिक मर्यादा के कारण दूसरे गाँव के युवक से बातचीत करने में संकोच कर रही थी।
निकोबार में तताँरा-वामीरो की मृत्यु के बाद क्या बदलाव आया?
उनकी मृत्यु के बाद गाँव वालों ने पुरानी कठोर परंपरा को बदला और दूसरे गाँवों में भी वैवाहिक संबंध स्वीकार किए।
इस अध्याय से परीक्षा में कौन-कौन से प्रश्न पूछे जा सकते हैं?
इस अध्याय से short answer, long answer, आशय स्पष्ट कीजिए, मुहावरे, विलोम, पर्यायवाची और पदबंध से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
तताँरा की तलवार क्यों विशेष मानी जाती थी?
लोगों का विश्वास था कि उसकी तलवार साधारण लकड़ी की होते हुए भी अद्भुत, विलक्षण और दैवीय शक्ति से युक्त थी।
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